गुजरात में इस वर्ष मॉन्सून की शुरुआत ने नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जून 2025 के पहले 20 दिनों में ही राज्य में औसतन 30% सीजनल बारिश पूरी हो गई है — जो कि पिछले 10 वर्षों में सबसे तेज मॉन्सून प्रगति मानी जा रही है। आमतौर पर यह स्तर जुलाई के मध्य तक पहुँचता है, लेकिन इस बार अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं और सक्रिय मॉनसूनी सिस्टम की वजह से राज्य के कई हिस्सों में तेज़ और निरंतर वर्षा देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भारी बारिश के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी तटीय दबाव प्रणाली रही है, जो एक के बाद एक सक्रिय होती रही। अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे एक ओर जहां किसानों के चेहरे पर मुस्कान है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं।
यह तेज़ बारिश खरीफ की फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती है, बशर्ते आगामी हफ्तों में संतुलित वर्षा जारी रहे। साथ ही, जलाशयों और बांधों में पानी की पर्याप्त मात्रा जमा हो रही है, जिससे आने वाले समय में पेयजल संकट की संभावना कम हो गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि यही प्रवृत्ति बनी रही, तो जुलाई के पहले सप्ताह तक राज्य का 50% से अधिक मानसून कोटा पूरा हो सकता है — जो न केवल रिकॉर्ड बनाएगा बल्कि राज्य के कृषि और जल प्रबंधन सेक्टर के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।

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