सावन के माह का महत्व और पूरी पूजा विधि: जानिए क्या करें, क्या न करें!

 






सावन का महीना क्यों होता है विशेष?

सावन हिंदू पंचांग का पाँचवाँ मास है, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है। यह महीना संपूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है और इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।

इस वर्ष सावन की शुरुआत 22 जुलाई 2025 से हो रही है, और यह 19 अगस्त 2025 तक चलेगा।


सावन में क्या करना चाहिए?

  1. प्रति सोमवार व्रत रखें और जलाभिषेक करें।

  2. शिवलिंग को गंगाजल, दूध, शहद और बेलपत्र से स्नान कराएं।

  3. ॐ नमः शिवाय” मंत्र का अधिकाधिक जप करें।

  4. भजन-कीर्तन करें और शिव पुराण का पाठ करें।

  5. संयमित आहार लें और सात्विक जीवनशैली अपनाएँ।


सावन में क्या नहीं करना चाहिए?

  1. तामसिक भोजन जैसे मांस-मदिरा से दूरी बनाए रखें।

  2. झूठ बोलना, अपशब्द कहना और दूसरों का अपमान करना वर्जित है।

  3. व्रत के दौरान अत्यधिक धूम्रपान या कैफ़ीनयुक्त पेय से बचें।

  4. सोमवार व्रत रखते समय नमक का सेवन न करें।

  5. पवित्रता बनाए रखें — स्नान के बिना पूजा से बचें।


सावन सोमवार व्रत विधि:

🌅 प्रातःकालीन चरण:

  • प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें।

  • मंदिर जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें।

  • बेलपत्र, धतूरा, आक और सफेद फूल चढ़ाएँ।

  • धूप, दीप, नैवेद्य और पंचामृत से पूजा करें।

🔔 मंत्र और पाठ:

  • “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जप करें।

  • शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें।

  • शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

🥣 व्रत आहार:

  • केवल फलाहार या एक समय का भोजन करें।

  • व्रत में सेंधा नमक, फल, दूध, मखाना, साबूदाना आदि का सेवन करें।


धार्मिक मान्यता और लाभ:

  1. जो सावन में शिव की पूजा करते हैं, उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

  2. दांपत्य जीवन सुखमय होता है।

  3. संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए यह मास अत्यंत शुभ माना गया है।

  4. विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बढ़ाने का उत्तम समय है।

  5. नौकरी, विवाह या अन्य इच्छाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत फलदायी।


सावन और स्वास्थ्य:

  • इस मास में संयमित दिनचर्या और सात्विक आहार स्वास्थ्य को लाभ पहुँचाता है।

  • ध्यान और प्राणायाम से मानसिक शांति मिलती है।

  • व्रत और पूजा से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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