क्या नीतीश कुमार भारत के अगले उपराष्ट्रपति बन सकते हैं?

       




2027 उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर संभावनाएँ और राजनीतिक विश्लेषण

लेखक: DeshVidesh25 टीम | अपडेटेड: जुलाई 2025
श्रेणी: राजनीति | 


✍️ भूमिका

भारत के उपराष्ट्रपति पद को देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद माना जाता है। यह पद केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि राज्यसभा के सभापति के रूप में सक्रिय भूमिका निभाता है। ऐसे में 2027 के संभावित उपराष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार का नाम चर्चा में आना पूरी तरह स्वाभाविक है।


🧠 नीतीश कुमार का परिचय

विवरणजानकारी
नामनीतीश कुमार
जन्म1 मार्च 1951, बिहार
राजनीतिक दलजनता दल (यूनाइटेड)
मुख्यमंत्री कार्यकाल2005–2025 तक कुल 7 बार
अनुभवकेंद्र में मंत्री, राज्य में मुख्यमंत्री, गठबंधन राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी

🏛 उपराष्ट्रपति बनने की पात्रता

भारतीय संविधान के अनुसार उपराष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी भारतीय नागरिक को:

  • कम से कम 35 वर्ष की आयु होनी चाहिए

  • राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए योग्य हो

  • कोई लाभ का पद न संभाल रहा हो

👉 नीतीश कुमार इन सभी योग्यताओं को पूरी तरह से पूरा करते हैं।


🗳 उपराष्ट्रपति चुनाव का तरीका

उपराष्ट्रपति का चुनाव:

  • संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य करते हैं

  • इसमें राज्यों की विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती

  • चुनाव सीक्रेट बैलेट से होता है और राजनीतिक दलों को व्हिप जारी करने की अनुमति नहीं होती


📊 राजनीतिक समीकरण और नीतीश कुमार

✅ समर्थन की संभावना:

  1. NDA: नीतीश यदि 2026 तक NDA में रहते हैं, तो भाजपा उन्हें एक "मजबूत सहयोगी" के रूप में प्रतिष्ठा देने के लिए उपराष्ट्रपति बना सकती है।

  2. Third Front या विपक्ष: यदि वे विपक्ष की ओर झुकते हैं, तो वे आम सहमति वाले चेहरों में सबसे ऊपर होंगे।

  3. Acceptable Candidate: नीतीश कुमार का अतीत और व्यवहार उन्हें लगभग सभी दलों के लिए स्वीकार्य बनाता है।

❌ विरोध की संभावना:

  • यदि JD(U) NDA के साथ संबंध बिगाड़ ले, तो भाजपा उन्हें समर्थन नहीं देगी

  • विपक्ष में यदि कोई बड़ा चेहरा पहले से तय हो, तो प्रतिस्पर्धा हो सकती है


🔍 क्यों नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त हैं?

कारणविवरण
राजनीतिक अनुभवकेंद्र और राज्य दोनों में अनुभव
गठबंधन राजनीतिNDA और UPA दोनों के साथ काम कर चुके हैं
व्यक्तिगत छविभ्रष्टाचार मुक्त, साफ-सुथरी छवि
तटस्थताउपराष्ट्रपति को पक्षपात से दूर रहना होता है – नीतीश उपयुक्त हैं

🔮 संभावित परिदृश्य

स्थितिपरिणाम
NDA समर्थन करता हैउपराष्ट्रपति बनना लगभग तय
विपक्ष उन्हें समर्थन करता हैसर्वसम्मति से चयन संभव
दोनों खेमों में विरोध होमुकाबला कठिन लेकिन मुमकिन

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